
कैमुर जिला में पराली प्रबंधन हेतु पदाधिकारी महोदय द्वारा किया गया शुभारंभआज दिनांक 21 अप्रैल 2026 को जिला पदाधिकारी, कैमूर एवं उप विकास आयुक्त, कैमूर के संयुक्त नेतृत्व में किसानों को पराली प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिले के सभी प्रखंडों में जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया।इस अवसर जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।यह अभियान आगामी कुछ सप्ताह तक जिले के विभिन्न गांवों में संचालित किया जाएगा।
जागरूकता रथों के माध्यम से कृषि विभाग के विशेषज्ञ किसानों को पराली प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीकों, इसके लाभ तथा पर्यावरण संरक्षण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।जिला पदाधिकारी महोदय ने अपने संदेश में कहा कि पराली जलाने से न केवल वायु प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली जलाने के बजाय उसका समुचित प्रबंधन करें और उसे जैविक खाद के रूप में उपयोग में लाएं।
साथ ही आधुनिक कृषि यंत्रों एवं तकनीकों को अपनाकर लागत कम करने और उत्पादकता बढ़ाने पर भी बल दिया।अभियान के दौरान किसानों को पराली से कंपोस्ट खाद तैयार करने, मल्चिंग, पशु चारा, बायोगैस निर्माण एवं अन्य वैकल्पिक उपयोगों की जानकारी भी दी जाएगी। साथ ही पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को पराली प्रबंधन के प्रति जागरूक करते हुए पर्यावरण संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने एवं टिकाऊ कृषि प्रणाली को बढ़ावा देना है।इस अवसर पर,श्री विकास कुमार (जिला कृषि पदाधिकारी), डॉ. अभय कुमार गौड़ (जिला उद्यान पदाधिकारी), श्री अकरम अंसारी (उप निदेशक, कृषि अभियंत्रण), श्री आलेख शर्मा (सहायक निदेशक, बीज विश्लेषण), सुश्री वर्तिका सिंह (सहायक निदेशक, क्षेत्र), श्री पंकज कुमार (सहायक निदेशक, कृषि अभियंत्रण), श्री नवीन कुमार सिंह (उप परियोजना निदेशक, आत्मा), श्री आदर्श शुक्ला (प्रखंड कृषि पदाधिकारी) सहित कृषि विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
