
भमुआ में पीएम मुफ़्त सुर्य घर बिजली योजना के तहत सोलर मेला सह लोन मेला आयोजितपीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत भभुआ में सोलर मेला सह लोन मेला आयोजितऑन-द-स्पॉट पंजीकरण, सब्सिडी एवं आसान ऋण सुविधा से उपभोक्ताओं को बड़ा लाभस्वच्छ, सस्ती एवं आत्मनिर्भर ऊर्जा की दिशा में महत्वपूर्ण पहलआम नागरिकों को सस्ती, सुलभ एवं स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सोलर अधिष्ठापन में तेजी लाने हेतु विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, भभुआ के प्रांगण में विद्युत विभाग एवं विभिन्न बैंकों के संयुक्त तत्वावधान में सोलर मेला सह लोन मेला का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी, कैमूर श्री नितिन कुमार सिंह उपस्थित रहे।मेले का मुख्य उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर प्रणाली के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें योजना से जोड़ना था। इस अवसर पर विशेषज्ञों एवं तकनीकी टीम द्वारा सोलर पैनल की स्थापना, कार्यप्रणाली, रख-रखाव, लागत, सब्सिडी तथा इससे होने वाले आर्थिक लाभ की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही उपभोक्ताओं की जिज्ञासाओं एवं समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया।
मेले की विशेषता ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण सुविधा रही, जिसके माध्यम से इच्छुक उपभोक्ताओं ने तत्काल आवेदन कर योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया प्रारंभ की। विभिन्न अधिकृत वेंडर्स एवं एजेंसियों ने भाग लेकर उपभोक्ताओं को उपयुक्त सोलर समाधान उपलब्ध कराने में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।विद्युत अधीक्षण अभियंता ई. इंद्रदेव कुमार ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को अपने घरों की छत पर सोलर पैनल स्थापित करने पर सरकार द्वारा आकर्षक सब्सिडी प्रदान की जाती है, जिससे बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आती है।
यह योजना उपभोक्ताओं के आर्थिक बोझ को कम करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत 1 किलोवाट पर 30000, 2 किलोवाट पर 60000 तथा 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर 78000 तक की सब्सिडी दी जाती है। इसके अतिरिक्त, सोलर संयंत्र स्थापना हेतु बैंकों के माध्यम से लगभग 7 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर 2 लाख तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि जिले में अब तक 115 उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 256 उपभोक्ताओं के यहाँ सोलर अधिष्ठापन की प्रक्रिया प्रगति पर है। मेले में उन उपभोक्ताओं को भी सम्मानित किया गया, जिनका बिजली बिल शून्य यूनिट पर निर्गत हो रहा है।मेले में भाग लेने वाले स्थानीय वेंडरों ने आश्वस्त किया कि आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत निर्धारित समय-सीमा के भीतर सोलर पैनलों का अधिष्ठापन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही करारनामा अवधि के अंतर्गत 7 वर्षों तक निःशुल्क मरम्मत एवं रख-रखाव की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।जिला पदाधिकारी श्री नितिन कुमार सिंह ने निर्देश दिया कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को विशेष रूप से सोलर अपनाने हेतु प्रेरित किया जाए।
उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल बिजली बिल में कमी लाती है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देकर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने आगे बताया कि ऋण की अदायगी शहरी क्षेत्रों में 4 से 5 वर्ष तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 7 से 8 वर्ष की अवधि में की जा सकती है, जिससे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ कम पड़ता है। उपभोक्ता अपनी बिजली खपत के अनुसार सोलर क्षमता का चयन कर सकते हैं। 150 यूनिट तक 1 किलोवाट, 300 यूनिट तक 2 किलोवाट तथा उससे अधिक खपत पर 3 किलोवाट या अधिक क्षमता उपयुक्त है।
सोलर पैनल से उत्पादित बिजली का उपयोग घरेलू कार्यों में किया जा सकता है तथा अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर बिल में समायोजन की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आर्थिक लाभ प्राप्त होता है। प्रति किलोवाट लगभग 100 वर्गफुट छत की आवश्यकता होती है तथा उचित रख-रखाव के साथ सोलर पैनल लगभग 25 वर्षों तक सुचारु रूप से कार्य करते हैं।विद्युत कार्यपालक अभियंता, भभुआ ई. शशिकांत कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए उपभोक्ताओं से अपील की कि वे इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने घरों में सोलर अधिष्ठापन कर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाएं।कार्यक्रम में विभिन्न बैंकों के पदाधिकारी, जिले के सभी सहायक एवं कनीय विद्युत अभियंता तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
. ( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
