
भभुआ में CPI(M) द्वारा मजदूर दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, शहीदों को दी श्रद्धांजलि
भभुआ (कैमूर), 1 मई 2026:भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) जिला कमिटी कैमूर के तत्वावधान में शुक्रवार को जिला कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस उत्साह और जोश के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला सचिव मंडल सदस्य कामरेड भीम सिंह ने की, जबकि संचालन में पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी रही।कार्यक्रम की शुरुआत शहीद बेदी पर पुष्प अर्पित कर शिकागो के शहीद मजदूरों को श्रद्धांजलि देकर की गई।
इसके बाद आयोजित गोष्ठी में जिला मंत्री कामरेड रंगलाल पासवान ने मजदूर दिवस के इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 1 मई 1886 को अमेरिका के शिकागो में 8 घंटे कार्यदिवस की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे मजदूरों पर गोलियां चलाई गई थीं, जिसमें कई मजदूर शहीद हो गए थे। उन्हीं शहीदों के बलिदान की याद में मजदूर दिवस मनाया जाता है और लाल झंडा मजदूर एकता का प्रतीक बना।
अपने संबोधन में उन्होंने केंद्र सरकार की श्रम नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि वर्तमान में लाए गए चार लेबर कोड मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कानूनों के माध्यम से 8 घंटे के कार्यदिवस की जगह 12 घंटे काम का दबाव बनाया जा रहा है, जिसे मजदूर संगठन किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेंगे।गोष्ठी के पश्चात कामरेड रंगलाल पासवान के नेतृत्व में जिला कार्यालय से गांधी एकता चौक तक एक रैली निकाली गई। रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने “मजदूर दिवस जिंदाबाद”, “सीपीआई(एम) जिंदाबाद”, “शिकागो के शहीद मजदूरों को लाल सलाम”, “चार लेबर कोड वापस लो”, “मनरेगा को बहाल करो” जैसे नारों के साथ अपनी आवाज बुलंद की।
साथ ही नोएडा, पानीपत और बरौनी के हड़ताली मजदूरों के समर्थन में भी नारे लगाए गए और मजदूर आंदोलनों पर की गई कार्रवाई का विरोध किया गया।कार्यक्रम में कामरेड रामजी बिंद, सोमारू मुसहर, जोगाड़ी मुसहर, दया शंकर राम, सुकालू राम, सुनीता देवी, मीना देवी, राधिका देवी, नीतू देवी, गिरीजा देवी, बसंती देवी सहित दर्जनों कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।इस अवसर पर मजदूर एकता, अधिकारों की रक्षा और शोषण के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया गया।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
