सिरसी हज़रत बाबा वज़ीर अली शाह रहमतुल्लाह एलैह का 109 वां सालाना उर्सेपाक बड़े धुम धाम से मनाया गया

109वां सालाना उर्स बड़े ही शानो-शौकत के साथ मुकम्मल, जायरीन की भारी आमद

चैनपुर (कैमूर):चैनपुर प्रखंड के सिरसी गांव में हज़रत बाबा वज़ीर अली शाह चिश्ती साबरी रहमतुल्लाह अलैह का 109वां सालाना उर्स-ए-पाक अकीदत, एहतराम और पुरजोश माहौल में बड़े ही शानो-शौकत के साथ मनाया गया। इस मुबारक मौके पर दूर-दराज़ इलाकों से बड़ी तादाद में जायरीन दरगाह शरीफ पर हाज़िर हुए और गुलपोशी व चादरपोशी के ज़रिए अपने जज़्बात-ए-अकीदत का इज़हार किया।उर्स की रस्में सुबह से ही शुरू हो गई थीं। दरगाह शरीफ का पूरा अहाता दिनभर जायरीन की आमद से गुलजार रहा। अकीदतमंदों ने बाबा की मजार-ए-अक़दस पर फूल, चादर और अगरबत्ती पेश कर मुल्क में अमन-ओ-अमान, तरक्की और खुशहाली के लिए दुआएं मांगीं।

चारों तरफ रूहानियत से सराबोर माहौल देखने को मिला और इंतजामिया कमेटी की जानिब से जायरीन की सहूलियत के लिए मुकम्मल इंतजामात किए गए थे।शाम करीब 5:30 बजे परंपरागत अंदाज में चादरपोशी की अहम रस्म अदा की गई, जिसमें स्थानीय अकीदतमंदों के साथ-साथ बाहरी जायरीन ने भी शिरकत की। इस दौरान “नारे-तकबीर” और सूफियाना सदाओं से पूरा माहौल गूंज उठा।रात में नमाज़-ए-इशा के बाद महफिल-ए-शमा का शानदार एहतिमाम किया गया, जिसमें सूफियाना कलाम, हम्द-ओ-नात और मनकबत पेश कर महफिल को रूहानी रंग में रंग दिया गया। महफिल-ए-शमा के मीर-ए-मजलिस शाह मंसूर अहमद अहमदी

(मंसूर मियां) रहे, जिनकी सदारत और रहनुमाई में पूरा प्रोग्राम बेहद खूबसूरती और नज़्म-ओ-ज़ब्त के साथ अंजाम पाया।उर्स के दौरान अमन-ओ-अमान बनाए रखने के लिए मुकामी इंतजामिया और वालंटियर्स पूरी तरह मुस्तैद नजर आए, जिससे किसी भी किस्म की दिक्कत जायरीन को पेश नहीं आई। साफ-सफाई, पानी और रोशनी जैसी बुनियादी सहूलियतों का भी खास ख्याल रखा गया।उर्स के कामयाब इनइक़ाद पर कमेटी के अराकीन और इलाके के लोगों ने खुशी और इत्मीनान का इज़हार किया। उन्होंने कहा कि यह उर्स महज़ एक मजहबी तकरीब नहीं, बल्कि आपसी मोहब्बत, भाईचारा और गंगा-जमुनी तहजीब की बेहतरीन मिसाल है, जो हर साल लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का काम करती है।

। ( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)

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