छात्राओं ने व्यवसायिक विचार प्रस्तुत कर दीया रचनात्मकता और आत्म विश्वास

गणित ज्योति शिविर का सफल समापन, छात्राओं में बढ़ा आत्मविश्वास और गणित के प्रति रुचिभभुआ (कैमूर): बिहार महिला एवं बाल विकास निगम तथा शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के संयुक्त तत्वावधान में संचालित “हमारी लाडो” कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित पाँच दिवसीय “गणित ज्योति शिविर” का शुक्रवार को सफल समापन हो गया। यह शिविर 18 मई से 22 मई 2026 तक जिला पंचायत संसाधन केन्द्र, भभुआ में आयोजित किया गया, जिसमें कैमूर जिले के विभिन्न कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) की 60 से अधिक मेधावी छात्राओं ने भाग लिया।समापन समारोह में कैमूर के जिलाधिकारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

उन्होंने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि गणित केवल संख्याओं का खेल नहीं, बल्कि जीवन की समस्याओं को हल करने की कला भी सिखाता है। उन्होंने कहा कि जिस आत्मविश्वास के साथ छात्राओं ने कठिन गणितीय अवधारणाओं को समझा है, उसी तरह वे भविष्य की चुनौतियों का भी सामना करेंगी। जिलाधिकारी ने कहा कि गणित बालिकाओं के बौद्धिक और तार्किक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है तथा आज की बेटियाँ हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं।पाँच दिनों तक चले इस शिविर का उद्देश्य बालिकाओं के भीतर गणित के प्रति रुचि, आत्मविश्वास और तार्किक सोच विकसित करना था।

शिविर में छात्राओं को गणित को रटने के बजाय उसे समझने, अनुभव करने और आनंद के साथ सीखने का अवसर मिला। प्रतिदिन योग सत्र के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होती थी, जिसके बाद गतिविधि आधारित एवं संवादात्मक शिक्षण सत्र आयोजित किए जाते थे।शिविर के दौरान छात्राओं को पायथागोरस प्रमेय, त्रिकोणमिति, प्रतिशत, समान त्रिभुज, निर्देशांक ज्यामिति, बीजगणितीय व्यंजक एवं समीकरण, प्रायिकता, सममिति, 2D एवं 3D ज्यामिति, चतुर्भुज तथा वृत्तों के गुणधर्म जैसे विषयों को सरल एवं रोचक तरीके से समझाया गया। गणित को व्यवहारिक जीवन से जोड़ते हुए छात्राओं ने पत्तियों एवं हथेलियों का क्षेत्रफल मापा, स्थानीय आंकड़ों का संग्रह एवं विश्लेषण किया तथा ग्राफ एवं डेटा वितरण को गतिविधियों के माध्यम से समझा।इसके अतिरिक्त छात्राओं को सूक्ष्म वित्त एवं व्यवसाय, लाभ-हानि, राजस्व, मूल्य निर्धारण, ब्रेकईवन, साधारण एवं चक्रवृद्धि ब्याज तथा निवेश में कम्पाउंडिंग जैसी अवधारणाओं की भी जानकारी दी गई। छात्राओं ने समूह बनाकर अपने व्यवसायिक विचार प्रस्तुत किए, जिससे उनमें नेतृत्व क्षमता, रचनात्मकता और उद्यमिता की भावना का विकास हुआ।शिविर को रोचक बनाने के लिए कार्ड ट्रिक्स, पहेलियाँ, खेल एवं विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।

इससे छात्राओं के भीतर गणित के प्रति भय कम हुआ और सीखने के प्रति उत्साह बढ़ा। प्रतिदिन आयोजित करियर मार्गदर्शन सत्रों में इंजीनियरिंग, एमबीए, डेटा विज्ञान, शिक्षण, प्रशासनिक सेवाओं एवं विज्ञान-तकनीक आधारित अन्य करियर विकल्पों की जानकारी दी गई।पाँच दिनों के इस शिविर ने छात्राओं को केवल गणितीय ज्ञान ही नहीं दिया, बल्कि आत्मविश्वास, टीमवर्क, संवाद कौशल और बड़े सपने देखने की प्रेरणा भी प्रदान की। इस दौरान छात्राओं ने नई मित्रताएँ बनाई और कई यादगार अनुभव प्राप्त किए।शिविर के सफल संचालन में हमारी लाडो फाउंडेशन की संस्थापिका प्रेमलता पूनिया, स्वयंसेवकों एवं प्रशिक्षकों दीप जोशी, पूजा भाम्भू, महिमा कुमावत, राधिका सचदेवा, विकास कुमार, कैमूर प्रशासन की जिला परियोजना प्रबंधक कुमारी प्रियंका राज एवं शिव शंकर जी का विशेष योगदान रहा। सभी प्रशिक्षकों एवं स्वयंसेवकों ने समर्पण और उत्साह के साथ छात्राओं का मार्गदर्शन किया तथा गणित को सरल, जीवंत और आनंददायक बनाने में अहम भूमिका निभाई।कार्यक्रम में जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन एवं वन स्टॉप सेंटर कार्यालय के सभी कर्मियों ने भी भाग लिया। “गणित ज्योति शिविर” ने यह संदेश दिया कि जब बालिकाओं को सही अवसर, प्रोत्साहन और अनुकूल वातावरण मिलता है, तब वे किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं।

( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!