जिला परिषद कैमुर में विकास योजनाओं पर उठे सवाल सदस्यों ने लगाया अनियमितता का और मनमानी का आरोप

जिला परिषद कैमूर में विकास योजनाओं पर उठे सवाल, सदस्यों ने लगाया अनियमितता और मनमानी का आरोप

बैठक नहीं होने, योजनाओं में पारदर्शिता की कमी व वित्तीय गड़बड़ी की आशंका पर उच्चस्तरीय जांच की मांग

कैमूर/भभुआ : कैमूर जिला परिषद में विकास योजनाओं के संचालन, वित्तीय खर्च और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। जिला परिषद के कई सदस्यों ने योजनाओं के चयन एवं क्रियान्वयन में अनियमितता, मनमानी और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में जिला पदाधिकारी कैमूर को एक विस्तृत आवेदन सौंपकर निष्पक्ष जांच और जिला परिषद की विशेष बैठक बुलाने का अनुरोध किया गया है।सदस्यों का आरोप है कि जिला परिषद में विकास योजनाओं के चयन की प्रक्रिया नियमों के अनुरूप नहीं चल रही है।

आवेदन में कहा गया है कि कई महत्वपूर्ण योजनाओं को मूल सूची से हटाकर पूरक सूची में डाल दिया जाता है, जबकि उनकी जगह अन्य योजनाओं को प्राथमिकता दी जाती है। इससे योजनाओं के चयन और क्रियान्वयन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।शिकायतकर्ताओं ने विशेष रूप से स्ट्रीट लाइट (हाई मास्ट लाइट) एवं मिट्टी कार्य से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया है कि इन कार्यों में मनमाने तरीके से राशि खर्च की जा रही है। उनका कहना है कि 15वीं वित्त आयोग और षष्ठम वित्त आयोग की राशि का उद्देश्य जिले के सभी क्षेत्रों में संतुलित और समग्र विकास सुनिश्चित करना है, लेकिन कुछ चुनिंदा कार्यों को प्राथमिकता दिए जाने से सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका बढ़ रही है।

मामले का एक अहम पहलू जिला परिषद की बैठकों को लेकर भी सामने आया है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि नियमों के अनुसार प्रत्येक तीन माह में आयोजित होने वाली सामान्य बैठक लंबे समय से नहीं बुलाई गई है। सदस्यों के अनुसार छह माह से लेकर एक वर्ष तक बैठक नहीं होने से विकास योजनाओं की समीक्षा, वित्तीय व्यय की निगरानी और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा प्रभावित हो रही है।इसी को लेकर जिला परिषद सदस्यों ने बिहार पंचायती राज अधिनियम-2006 की धारा 72 (1) के तहत विशेष बैठक बुलाने की मांग उठाई है।

उनका कहना है कि नियमित बैठक नहीं होने से योजनाओं के क्रियान्वयन में असंतुलन पैदा हो रहा है तथा जनहित से जुड़े मुद्दे लंबित होते जा रहे हैं।जिला प्रशासन को दिए गए आवेदन पर जिन सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हैं, उनमें विकास सिंह उर्फ लल्लू पटेल, अखिलेश कुमार चौरसिया, राजकुमार सिंह, बुल्लू राम, शत्रुंजय कुमार सिंह उर्फ छोटन सिंह, गीता देवी, समदेइया देवी, उपाध्यक्ष प्रतिनिधि अश्विनी कुमार चौबे उर्फ झबलू चौबे तथा जिप प्रतिनिधि भोला बिंद शामिल हैं।सदस्यों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, वित्तीय व्यय और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाए तथा जिला परिषद की नियमित बैठक सुनिश्चित की जाए, ताकि विकास योजनाओं का लाभ जिले के सभी क्षेत्रों तक समान रूप से पहुंच सके और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे।

( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!