
लालू प्रसाद यादव का 79वां जन्मदिन राजद कार्यालय भभुआ में सद्भावना दिवस के रूप में मनाया गया
भभुआ (कैमूर)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव का 79वां जन्मदिन गुरुवार को भभुआ स्थित राजद जिला प्रधान कार्यालय में उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन राजद जिला अध्यक्ष अकलू राम के नेतृत्व में किया गया, जहां कार्यकर्ताओं ने केक काटकर और मिठाइयां बांटकर उनके जन्मदिन को “सद्भावना दिवस” के रूप में मनाया।इस अवसर पर उपस्थित नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने लालू प्रसाद यादव को गरीबों, दलितों, शोषितों, वंचितों तथा सर्वजन-बहुजन समाज का सच्चा हमदर्द बताते हुए उनके सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता, भाईचारा एवं बंधुत्व की विचारधारा को देश और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
वक्ताओं ने कहा कि लालू प्रसाद यादव ने अपने राजनीतिक जीवन में सामाजिक समरसता और सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूती प्रदान की है तथा समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा में लाने का कार्य किया है।कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने संकल्प लिया कि राजद की नीतियों और लालू प्रसाद यादव के विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा तथा सामाजिक न्याय की धारा को और अधिक मजबूत करने के लिए समाज के सभी वर्गों को संगठित किया जाएगा।बैठक में केंद्र एवं बिहार सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आगामी 17 जून को जिला मुख्यालय में आयोजित एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने पर भी चर्चा की गई।
नेताओं ने कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया।कार्यक्रम में चैनपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी बृजकिशोर बिंद, भभुआ विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी बिरेंद्र कुशवाहा, आशिफ मुन्ना खान, इस्लाम अंसारी, ललन सिंह, छेदी यादव, बिरजू पटेल, श्यामनारायण तिवारी, असलम अंसारी, मुन्ना सिंह, सिराजुद्दीन राइन, सलमान खान, कमर खान, अशोक यादव कैमूरी, जगनारायण यादव, मुकेश पटेल, संतोष पटेल, रोहित तिवारी, पशुपतिनाथ पटेल, विनोद यादव, सुरेश सिंह, भरत यादव, सुभाष यादव, धनंजय यादव, रामचंद्र बिंद, गौरव यादव, अखिलेश पटेल, अमजद खान, भीम यादव, सत्येंद्र यादव, नेबुलाल बिंद, मारवाड़ी शाह, प्रमोद कुमार समेत बड़ी संख्या में राजद नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।कार्यक्रम का समापन सामाजिक सद्भाव, एकता और संगठन को मजबूत करने के संकल्प के साथ किया गया।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
