CSP सेंटर में हथियार बंद बदमाशों का तांडव

CSP सेंटर में हथियारबंद बदमाशों का तांडव, CCTV में कैद वारदात; 24 घंटे बाद भी गिरफ्तारी नहीं

मोहनिया में 6-7 युवकों ने कट्टा लहराकर की तोड़फोड़, फायरिंग का प्रयास; 2.5 लाख रुपये की क्षति, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

मोहनिया (कैमूर)। बिहार में शराबबंदी और अवैध हथियारों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के सरकारी दावों के बीच कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज घटना ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वार्ड संख्या-4 डड़वा स्थित एक ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) में 6-7 की संख्या में पहुंचे हथियारबंद युवकों ने खुलेआम उत्पात मचाते हुए जमकर तोड़फोड़ की। घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत और आक्रोश का माहौल है।

पीड़ित ब्रजेन्द्र कुमार, पिता जयप्रकाश सिंह, निवासी वार्ड संख्या-4 डड़वा ने मोहनिया थाना में लिखित आवेदन देकर बताया कि गुरुवार को शाम करीब 4:30 बजे वह अपने CSP सेंटर पर मौजूद थे। इसी दौरान 6-7 युवक अचानक दुकान में घुस आए और जान से मारने की धमकी देते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी। बदमाशों ने कंप्यूटर, प्रिंटर, मशीन तथा अन्य उपकरणों को क्षतिग्रस्त कर दिया।आवेदन के अनुसार आरोपियों में शामिल एक युवक ने स्वयं को संजीव कुमार, पिता दया सिंह बताया और धमकी देते हुए कहा कि घटना की जानकारी किसी को नहीं दी जाएगी तथा CCTV फुटेज भी बाहर नहीं जाना चाहिए, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। पीड़ित का आरोप है कि सभी युवक शराब के नशे में थे और उनके हाथ में अवैध हथियार था।बताया जाता है कि एक आरोपी ने मौके पर मौजूद लोगों को डराने के लिए कट्टा निकालकर फायरिंग करने का प्रयास भी किया, लेकिन गोली नहीं चली।

इस बीच आसपास के लोगों की भीड़ जुटने लगी तो सभी आरोपी रामगढ़ रोड की ओर फरार हो गए।पीड़ित के अनुसार घटना में लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति का नुकसान हुआ है। पूरी वारदात CSP सेंटर में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। पीड़ित ने फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जानकारी पुलिस को उपलब्ध करा दी है।घटना के बाद क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शराबबंदी लागू होने के बावजूद यदि अपराधी नशे की हालत में खुलेआम हथियार लेकर घूम रहे हैं और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में घुसकर तांडव मचा रहे हैं, तो यह प्रशासनिक दावों की पोल खोलने के लिए काफी है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि CCTV फुटेज और नामजद शिकायत के बावजूद पुलिस अब तक किसी आरोपी को गिरफ्तार क्यों नहीं कर सकी है। घटना के 24 घंटे बाद भी कार्रवाई का अभाव लोगों के बीच असुरक्षा की भावना को बढ़ा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से शीघ्र गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की है।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से कई सवाल अनुत्तरित हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अपराधियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो इससे उनका मनोबल और बढ़ेगा तथा आम लोगों का कानून व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होगा।

( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)

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