बिहार में उर्जा क्रांति की शुरुआत 2.5 लाख गरीब परिवारों को मिलेगा मुफ्त रुफटाॅप सोलर का लाभ

पटना/कैमूर। गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वच्छ, सस्ती और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में बिहार सरकार ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य के 2.5 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने की महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया है। मुख्यमंत्री ने रविवार को विद्युत भवन, पटना से ऑनलाइन माध्यम से 1512 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना का विधिवत उद्घाटन किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी कुल 1278.03 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास, कार्यारंभ, उद्घाटन एवं लोकार्पण भी किया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीब परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने तथा अक्षय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। यह योजना न केवल बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लक्ष्यों को भी मजबूती प्रदान करेगी।कैमूर जिला मुख्यालय स्थित माँ मुंडेश्वरी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी कैमूर, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं विद्युत विभाग के पदाधिकारी शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देखा और सुना गया। स्थानीय विधायक सहित कई गणमान्य लोगों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।योजना के तहत चयनित बीपीएल एवं कुटीर ज्योति श्रेणी के उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर 1.1 किलोवाट क्षमता के ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाए जाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया के लिए लाभार्थियों को किसी भी प्रकार का खर्च वहन नहीं करना पड़ेगा। सोलर संयंत्रों की स्थापना, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी चयनित एजेंसियों को सौंपी जाएगी।सरकार के अनुसार प्रत्येक लाभार्थी परिवार को सोलर संयंत्र से प्रतिमाह औसतन 125 यूनिट बिजली उत्पादन का लाभ मिलेगा। इससे घरेलू बिजली आवश्यकताओं की पूर्ति आसान होगी, बिजली बिल में कमी आएगी और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।

साथ ही ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को ऊर्जा सुरक्षा भी प्राप्त होगी।कार्यक्रम में कैमूर जिले के मलिकसराय निवासी लाभार्थी नंदलाल राम एवं सुग्रीव राम भी उपस्थित रहे। उन्होंने योजना के लिए मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल गरीब परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इससे उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी और वे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकेंगे।वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना बिहार में अक्षय ऊर्जा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा तथा स्वच्छ ऊर्जा आधारित विकास को नई गति मिलेगी।राज्य सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक इस योजना का लाभ पहुंचाना है, ताकि हर घर तक स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा उपलब्ध हो सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना बिहार को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएगी।

( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)

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