
एलिम्को निर्माणाधीन परिसर में दर्दनाक हादसा, भारी केबल बंडल की चपेट में आने से मजदूर की मौत
सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया हंगामामुआवजे की मांग पर अड़े परिजन, एनएच-19 जाम कर कंपनी परिसर में तोड़फोड़
कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र अंतर्गत भिट्टी के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-19 किनारे स्थित एलिम्को (कृत्रिम मानव अंग निर्माण कंपनी) के निर्माणाधीन परिसर में सोमवार को हुए एक दर्दनाक हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने कंपनी परिसर में जमकर हंगामा किया, वाहनों में तोड़फोड़ की तथा दिल्ली-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। घटना को लेकर क्षेत्र में घंटों अफरातफरी का माहौल बना रहा।मृतक की पहचान मोहनिया थाना क्षेत्र के नाटी गांव निवासी अशोक कुमार रजक के रूप में हुई है।
बताया जाता है कि कंपनी परिसर में निर्माण कार्य के दौरान लगभग तीन टन वजनी केबल/तार के बंडल को जेसीबी मशीन की सहायता से उठाया जा रहा था। इसी दौरान उसे पकड़ने वाला पट्टा अचानक टूट गया और भारी बंडल सीधे मजदूर अशोक कुमार रजक के ऊपर गिर पड़ा। हादसा इतना भीषण था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना के बाद मृतक के परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में कंपनी परिसर पहुंच गए। लोगों ने कंपनी प्रबंधन और ठेकेदार पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते आक्रोश इतना बढ़ गया कि लोगों ने परिसर में तोड़फोड़ की और एनएच-19 को जाम कर दिया। जाम के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन प्रभावित हो गया।मृतक के पुत्र सूरज कुमार तथा ग्रामीण पप्पू कुमार ने आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे।
मजदूरों को हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट अथवा अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं। उन्होंने कहा कि जिस भारी वजन को क्रेन या हाइड्रा मशीन से उठाया जाना चाहिए था, उसे कमजोर पट्टे के सहारे जेसीबी से उठाया जा रहा था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मजदूरों से लगातार 12-12 घंटे तक कार्य कराया जाता है, लेकिन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता।घटना की सूचना मिलते ही मोहनिया और कुदरा थाने की पुलिस, सर्किल इंस्पेक्टर तथा भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मोर्चा संभाला।
मोहनिया प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) मानेंद्र कुमार सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया।बीडीओ मानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि एलिम्को कंपनी परिसर में कृत्रिम अंग निर्माण से संबंधित भवन और संरचना तैयार करने का कार्य चल रहा था, जहां यह दुर्घटना हुई। उन्होंने कहा कि मृतक के परिजन और ग्रामीण मुआवजे की मांग को लेकर अड़े हुए हैं तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का विरोध कर रहे हैं। प्रशासन और पुलिस की टीम लगातार परिजनों से वार्ता कर रही है ताकि मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके।समाचार लिखे जाने तक हाईवे जाम और मुआवजे को लेकर प्रशासन एवं परिजनों के बीच वार्ता जारी थी। वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और हादसे के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
