
विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, गोद लेने की कानूनी प्रक्रिया और लोक अदालत की दी जानकारीभभुआ (कैमूर), 26 जुलाई। माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार,
कैमूर (भभुआ) के कुशल निर्देशन में शनिवार को विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान, कैमूर (भभुआ) के कार्यालय परिसर में एक दिवसीय विधिक जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को कानूनी रूप से गोद लेने की प्रक्रिया, कर्मचारियों के अधिकार एवं दायित्व तथा आमजन तक सुलभ एवं त्वरित न्याय पहुंचाने के लिए संचालित लोक अदालत की उपयोगिता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के समन्वयक एवं प्रबंधक श्री चन्द्रशेखर सिंह ने की। मुख्य अतिथि एवं विषय विशेषज्ञ के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता मो. असलम तथा पी.एल.वी. श्री गुप्तनाथ सिंह (प्रतिनिधि: श्री जगन्नाथ सिंह) उपस्थित रहे।अपने संबोधन में पैनल अधिवक्ता मो. असलम ने बच्चों को कानूनी रूप से गोद लेने (एडॉप्शन) की संपूर्ण विधिक प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि विधिक प्रक्रिया का पालन कर ही दत्तक ग्रहण किया जाना चाहिए, ताकि गैर-कानूनी दत्तक ग्रहण जैसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने संस्थान में कार्यरत पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके कर्तव्यों, कानूनी जिम्मेदारियों तथा अधिकारों के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की।कार्यक्रम के दौरान लोक अदालत की महत्ता पर भी विशेष प्रकाश डाला गया। उपस्थित कर्मचारियों को बताया गया कि लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति वाले मामलों का त्वरित, सरल एवं निःशुल्क समाधान संभव है, जिससे आम नागरिकों को बिना अनावश्यक खर्च और लंबी कानूनी प्रक्रिया के न्याय प्राप्त हो सकता है।
विधिक जागरूकता कार्यक्रम में संस्थान के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न विधिक विषयों पर जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में समन्वयक श्री चन्द्रशेखर सिंह, पैनल अधिवक्ता मो. असलम, पी.एल.वी. श्री गुप्तनाथ सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता प्रीति कुमारी, नर्स पूनम पटेल, कांस्टेबल सुप्रिया भारती, विनोद कुमार यादव (एलएचसी सुपरवाइजर), राधिका देवी, अनिता कुमारी एवं मुन्नी देवी सहित संस्थान के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के समापन पर समन्वयक श्री चन्द्रशेखर सिंह ने माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कैमूर (भभुआ) तथा सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के विधिक जागरूकता कार्यक्रम कर्मचारियों के ज्ञान में वृद्धि करते हैं और बाल संरक्षण, बाल कल्याण तथा पुनर्वास से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
