
थम्बलेन के लिए हेडलाइंस बनाएंराशन कार्ड बनवाते समय OTP साझा करने में बरतें सावधानी, नहीं तो हो सकते हैं साइबर ठगी के शिकार: मिथिलेश सिंह
चैनपुर (कैमूर)। प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी चैनपुर मिथिलेश सिंह ने राशन कार्ड बनवाने वाले सभी लाभार्थियों से सतर्क रहने और साइबर ठगी से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इन दिनों साइबर अपराधी विभिन्न सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों को फोन कर या फर्जी संदेश भेजकर OTP प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। ऐसे में थोड़ी-सी लापरवाही आर्थिक और व्यक्तिगत नुकसान का कारण बन सकती है।
प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि जब कोई व्यक्ति नया राशन कार्ड बनवाने या उससे संबंधित ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करता है, तब उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक OTP (वन टाइम पासवर्ड) भेजा जाता है। इस OTP को संबंधित विभागीय प्रक्रिया पूरी करने के लिए अधिकृत अधिकारी को बताना पड़ सकता है, लेकिन उससे पहले यह अच्छी तरह सुनिश्चित कर लें कि संदेश वास्तव में विभाग की ओर से ही भेजा गया है।उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से भेजे जाने वाले आधिकारिक संदेशों में “Smart PDS” (स्मार्ट पीडीएस) का उल्लेख रहता है।
यदि प्राप्त संदेश में “Smart PDS” नहीं लिखा है या किसी अज्ञात नंबर से OTP मांगा जा रहा है, तो किसी भी स्थिति में OTP साझा न करें। ऐसा करने पर साइबर ठगी का खतरा हो सकता है।मिथिलेश सिंह ने लाभार्थियों से अपील की कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति, कॉल या संदेश के झांसे में न आएं। यदि किसी प्रकार का संदेह हो तो तुरंत अपने प्रखंड आपूर्ति कार्यालय या संबंधित विभागीय अधिकारी से संपर्क कर जानकारी प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।उन्होंने सभी राशन कार्डधारकों एवं नए आवेदकों से आग्रह किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ सुरक्षित तरीके से प्राप्त करें तथा OTP और अन्य गोपनीय जानकारी केवल सत्यापित विभागीय प्रक्रिया के तहत ही साझा करें। इससे न केवल साइबर ठगी से बचाव होगा, बल्कि राशन कार्ड से संबंधित सेवाएं भी बिना किसी परेशानी के प्राप्त की जा सकेंगी।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
