
कैमूर में नशे के कारोबार पर पुलिस का बड़ा प्रहार, गोदाम से 143 किलो गांजा बरामद, गोदाम मालिक गिरफ्तार
जब्त गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 71 लाख रुपये, अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी
मोहनियां/कैमूर। कैमूर पुलिस ने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दुर्गावती थाना क्षेत्र के मधुरा गांव स्थित एक गोदाम से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया है। पुलिस ने गोदाम में छिपाकर रखे गए कुल 143.04 किलोग्राम गांजे को जब्त किया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 71 लाख रुपये बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है, जबकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
शुक्रवार को दुर्गावती थाना परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में मोहनियां के प्रभारी डीएसपी दयानंदन कुमार ने बताया कि 6 अगस्त 2026 की शाम लगभग चार बजे गुप्त सूचना मिली थी कि मधुरा गांव स्थित अशोक सिंह के गोदाम में बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ छिपाकर रखा गया है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल दुर्गावती थानाध्यक्ष गिरीश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।पुलिस टीम ने दंडाधिकारी एवं दुर्गावती प्रखंड विकास पदाधिकारी अभिषेक कुमार की उपस्थिति में गोदाम की घेराबंदी कर विधिवत तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान गोदाम में रखे 28 बंडलों से कुल 143.04 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।
बरामदगी के बाद पुलिस ने मौके से अशोक सिंह (पिता- स्वर्गीय फौजदार सिंह), निवासी मधुरा, थाना दुर्गावती, जिला कैमूर को गिरफ्तार कर लिया।प्रभारी डीएसपी ने बताया कि इस संबंध में दुर्गावती थाना कांड संख्या 325/26 दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह मामला संगठित मादक पदार्थ तस्करी से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी है तथा उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
