
मोहनिया में पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर मेला आयोजित, रूफटॉप सोलर अपनाने के लिए उपभोक्ताओं को किया गया जागरूकडीएम बोले – 2 लाख रुपये तक का रियायती ऋण और 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी का लाभ उठाएं उपभोक्ता
मोहनिया (कैमूर), 07 अगस्त 2026।प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जिले में रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना को गति देने के उद्देश्य से शुक्रवार को मोहनिया स्थित बीआरजीएफ भवन में भव्य सोलर मेले का आयोजन किया गया। मेले में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने भाग लेकर सोलर ऊर्जा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की तथा ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण कर योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया भी शुरू की।कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी नितिन कुमार सिंह, उप विकास आयुक्त सुश्री दिव्या शक्ति, अनुमंडल पदाधिकारी मोहनिया, विद्युत अधीक्षण अभियंता सासाराम ई. इंद्रदेव कुमार तथा विद्युत कार्यपालक अभियंता भभुआ ई. शशिकांत कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।सोलर मेले का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को रूफटॉप सोलर प्रणाली के प्रति जागरूक करना तथा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ना था।
इस दौरान विद्युत विभाग के विशेषज्ञों एवं तकनीकी टीम ने सोलर पैनल की स्थापना, उसकी कार्यप्रणाली, रख-रखाव, लागत, सरकारी सब्सिडी, बैंक ऋण तथा आर्थिक लाभों की विस्तार से जानकारी दी। उपभोक्ताओं की जिज्ञासाओं का मौके पर ही समाधान किया गया और इच्छुक लोगों के लिए तत्काल पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। विभिन्न अधिकृत वेंडरों एवं एजेंसियों ने भी अपने स्टॉल लगाकर उपभोक्ताओं को उपयुक्त सोलर समाधान की जानकारी दी।इस अवसर पर जिला पदाधिकारी नितिन कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को जन-जन तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने विशेष रूप से अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं से अपने घरों की छतों पर सोलर संयंत्र स्थापित करने की अपील करते हुए कहा कि इससे बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आएगी और स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि यह योजना देश को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।डीएम ने जानकारी दी कि सोलर संयंत्र लगाने के लिए बैंकों के माध्यम से 2 लाख रुपये तक का ऋण रियायती ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में अब तक 201 उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि आने वाले दिनों में इस संख्या को तेजी से बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि जिन उपभोक्ताओं की मासिक बिजली खपत 150 यूनिट तक है, उनके लिए 1 किलोवाट का सोलर संयंत्र उपयुक्त रहेगा। 300 यूनिट तक बिजली खपत करने वालों के लिए 2 किलोवाट तथा 300 यूनिट से अधिक बिजली खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता का संयंत्र लाभकारी होगा। सोलर संयंत्र से उत्पादित अतिरिक्त बिजली को विद्युत ग्रिड में भेजकर बिजली बिल में समायोजन का भी लाभ प्राप्त किया जा सकता है।जिला पदाधिकारी ने बताया कि प्रति किलोवाट सोलर संयंत्र लगाने के लिए लगभग 100 वर्गफुट छत की आवश्यकता होती है तथा उचित रख-रखाव के साथ सोलर पैनल लगभग 25 वर्षों तक प्रभावी ढंग से कार्य करते हैं। योजना के अंतर्गत 1 किलोवाट क्षमता पर 30 हजार रुपये, 2 किलोवाट पर 60 हजार रुपये तथा 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर अधिकतम 78 हजार रुपये तक की सरकारी सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है।
अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) ने बताया कि सोलर संयंत्र स्थापना के लिए मात्र 5.75 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे आम उपभोक्ताओं के लिए इस योजना का लाभ लेना और भी आसान हो गया है।विद्युत अधीक्षण अभियंता सासाराम ई. इंद्रदेव कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी एवं भविष्य उन्मुख योजना है।
इससे न केवल बिजली खर्च में कमी आती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलता है। उन्होंने सभी पात्र उपभोक्ताओं से योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने और अपने घरों में सोलर संयंत्र स्थापित करने की अपील की।मेले में उपस्थित अधिकृत वेंडरों ने भरोसा दिलाया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर सोलर संयंत्र स्थापित कर दिया जाएगा। साथ ही करार अवधि के तहत सात वर्षों तक निःशुल्क मरम्मत एवं रख-रखाव की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं, सभी सहायक एवं कनीय विद्युत अभियंताओं, विद्युत विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी रही। मेले के माध्यम से लोगों में सौर ऊर्जा के प्रति उत्साह देखने को मिला तथा बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने योजना से जुड़ने में रुचि दिखाई।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
