
15–20 वर्षों से रास्ते की समस्या झेल रहे धोबहां वार्ड-13 के ग्रामीण, बारिश में घुटनेभर पानी पार करने को मजबूर
चांद (कैमूर)। चांद प्रखंड अंतर्गत ग्राम धोबहां के वार्ड नंबर 13 में पिछले करीब 15 से 20 वर्षों से रास्ते की गंभीर समस्या बनी हुई है। लंबे समय से ग्रामीण इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। बारिश के दिनों में समस्या और भी विकराल हो जाती है। वार्ड के करीब 12 से 15 घरों के महिला, बच्चे, बुजुर्ग और अन्य ग्रामीणों को आवागमन के लिए घुटनेभर पानी से होकर गुजरना पड़ता है।ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते की स्थिति इतनी खराब है कि बरसात के मौसम में घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है।
पानी जमा रहने के कारण लोगों को मजबूरी में पानी हेलकर आने-जाने को विवश होना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को होती है। ग्रामीणों को आशंका है कि लंबे समय तक जलजमाव और गंदगी के कारण बीमारी फैलने का खतरा भी बना रहता है।ग्रामीणों के अनुसार, इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाई गई है। ग्रामीणों का दावा है कि समस्या के समाधान के लिए कई आवेदन भी दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक किसी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्षों से उनकी परेशानी पर किसी भी जनप्रतिनिधि या आला अधिकारी का ध्यान नहीं गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के समय विकास और समस्याओं के समाधान के वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद उनकी मूलभूत समस्याओं की सुध लेने वाला कोई नहीं रहता। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मांग की है कि स्थल का निरीक्षण कर जल्द से जल्द रास्ते का निर्माण एवं जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराई जाए, ताकि बरसात में लोगों को घुटनेभर पानी से होकर आवागमन न करना पड़े।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे सामूहिक रूप से अपनी मांग को लेकर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष आवाज उठाने को मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि करीब दो दशक से रास्ते की समस्या झेल रहे धोबहां वार्ड नंबर 13 के ग्रामीणों को कब तक इस समस्या से निजात मिल पाती है।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
