
एडमिशन में किए वादे पूरे नहीं होने का आरोप, राज नर्सिंग इंस्टीट्यूट के छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन
सोनहन (कैमूर)। कैमूर जिले के सोनहन थाना क्षेत्र अंतर्गत राज नर्सिंग इंस्टीट्यूट के छात्र-छात्राओं ने संस्थान में व्याप्त विभिन्न समस्याओं और नामांकन के समय किए गए कथित वादों को पूरा नहीं किए जाने के आरोप में शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर संस्थान प्रबंधन के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई और समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं का आरोप है कि नामांकन के समय उन्हें बेहतर शिक्षण व्यवस्था, योग्य एवं पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता, अच्छे परिणाम तथा मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया था।
लेकिन नामांकन के बाद उन्हें कथित तौर पर वादे के अनुरूप सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। छात्रों का कहना है कि इसी वजह से उनमें काफी नाराजगी है और उन्हें अपने भविष्य को लेकर चिंता सताने लगी है।प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं ने पोस्टर और बैनर के माध्यम से अपनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। पोस्टरों पर “झूठ बोलकर एडमिशन करते हैं, वादा कुछ और मिलता कुछ और” जैसे आरोप लिखे गए थे। छात्रों ने शिक्षण व्यवस्था, शिक्षकों की उपलब्धता, परीक्षा परिणाम और संस्थान में मिल रही अन्य सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए।प्रदर्शन के दौरान दो छात्राएं बेहोश हो गईं।
इसके बाद दोनों को इलाज के लिए सदर अस्पताल भभुआ भेजे जाने की जानकारी सामने आई। इस घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद छात्र-छात्राओं में चिंता का माहौल देखा गया।छात्रों का कहना है कि उन्होंने नर्सिंग की पढ़ाई और बेहतर करियर की उम्मीद के साथ संस्थान में दाखिला लिया था। नामांकन के दौरान जिस तरह की शैक्षणिक व्यवस्था और सुविधाओं का भरोसा दिलाया गया था, उन्हें उम्मीद थी कि पढ़ाई शुरू होने के बाद वे सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। छात्रों के अनुसार, कई मामलों में उनकी अपेक्षाएं पूरी नहीं हुईं।प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं ने नामांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता, बेहतर शिक्षण व्यवस्था, पर्याप्त एवं योग्य शिक्षकों की उपलब्धता, मूलभूत सुविधाओं में सुधार तथा छात्रों की समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान किए जाने की मांग की है।
छात्रों ने कहा कि नर्सिंग की पढ़ाई सीधे उनके भविष्य और करियर से जुड़ी हुई है। ऐसे में शिक्षण व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी या आवश्यक सुविधाओं के अभाव का असर उनकी पढ़ाई और भविष्य पर पड़ सकता है। इसलिए संस्थान प्रबंधन को छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक कदम उठाना चाहिए।प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं का कहना है कि उनका उद्देश्य विवाद को बढ़ाना नहीं, बल्कि अपनी समस्याओं और जायज मांगों की ओर संस्थान प्रबंधन का ध्यान आकर्षित करना है।
उन्होंने कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे आगे भी शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।फिलहाल, छात्रों की ओर से लगाए गए आरोपों की वास्तविकता और नामांकन के समय किए गए वादों की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। वहीं, इस मामले में संस्थान प्रबंधन का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी। अब देखना होगा कि प्रबंधन छात्र-छात्राओं की शिकायतों पर क्या जवाब देता है और समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
