
विवाहिता की संदिग्ध मौत के बाद जंगल में जलाया गया शव, रामपुर के उप प्रमुख समेत दो गिरफ्तार
लापता होने की शिकायत के बाद पुलिस जांच में खुला मामला, एफएसएल टीम ने जंगल से जुटाए साक्ष्य
कैमूर जिले के रामपुर प्रखंड अंतर्गत करमचट थाना क्षेत्र के मडैचा गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध मौत और शव को जंगल में जलाकर साक्ष्य मिटाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए रामपुर प्रखंड के उप प्रमुख सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है।करमचट थाना अध्यक्ष पंकज कुमार पासवान ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में मडैचा गांव निवासी एवं रामपुर प्रखंड के उप प्रमुख सुनील यादव तथा इंद्रजीत यादव उर्फ इंदल शामिल हैं।
मृतका पिंकी देवी, सर्वजीत यादव की पत्नी थी। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी रिश्ते में मृतका के भसुर और देवर लगते हैं। मामले में अन्य परिजन घर छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।जानकारी के अनुसार मृतका के पिता बेलांव थाना क्षेत्र के गंगापुर गांव निवासी शिव प्रसाद यादव ने 5 मई को करमचट थाने में आवेदन देकर बताया था कि उनकी पुत्री 4 मई से ससुराल से लापता है। आवेदन मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच एवं खोजबीन शुरू कर दी।
जांच के दौरान जब पुलिस टीम मडैचा गांव स्थित ससुराल पहुंची तो घर के कई सदस्य फरार मिले। इससे पुलिस का शक गहरा गया। संदेह के आधार पर पुलिस ने सुनील यादव और इंदल यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। प्रारंभ में दोनों पुलिस को गुमराह करते रहे, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने घटना से जुड़ी जानकारी दी।पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 4 मई की रात पिंकी देवी और उसके पति के बीच विवाद एवं मारपीट हुई थी। इसके बाद पिंकी देवी ने कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
घटना के बाद परिवार के लोगों ने मामले को छिपाने की योजना बनाई और 5 मई की अहले सुबह शव को वाहन से अधौरा पहाड़ी के जंगल में ले जाकर जला दिया।मामले की पुष्टि के लिए पुलिस बुधवार रात आरोपियों को लेकर जंगल पहुंची थी, लेकिन अंधेरा होने के कारण सही स्थान की पहचान नहीं हो सकी। गुरुवार को एफएसएल की तीन सदस्यीय टीम, जांच अधिकारी प्राची कुमारी, थाना अध्यक्ष, दोनों आरोपी तथा मृतका के पिता के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की गई। मुसहरवा बाबा और धरती माता जंगल के बीच उस स्थान की पहचान की गई जहां शव जलाया गया था।फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जले हुए अवशेष, राख एवं अन्य साक्ष्य एकत्र किए हैं।
पुलिस ने बताया कि नमूनों को डीएनए जांच के लिए भेजा जाएगा ताकि यह स्पष्ट हो सके कि जला हुआ शव पिंकी देवी का ही था या किसी अन्य का।मृतका के पिता शिव प्रसाद यादव ने ससुराल पक्ष पर हत्या कर शव जलाने का आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से गंभीरता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम एवं डीएनए रिपोर्ट आने के बाद घटना की वास्तविकता पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को मेडिकल जांच के बाद न्यायिक हिरासत में भभुआ जेल भेज दिया गया।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
