
जनभागीदारी–सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान का शुभारम्भकैमूर के 62 जनजातीय बहुल गाँवों में लगेंगे विशेष शिविर, सरकारी योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभभभुआ (कैमूर)। जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रव्यापी विशेष अभियान “जनभागीदारी–सबसे दूर, सबसे पहले” का शुभारम्भ सोमवार को कैमूर समाहरणालय स्थित माँ मुण्डेश्वरी सभागार में किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी श्री नितिन कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिले के कई वरीय पदाधिकारी एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।कार्यक्रम में अपर समाहर्त्ता, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (ICDS), जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (MDM) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने अभियान के उद्देश्यों और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की।जिला कल्याण पदाधिकारी श्री रत्नेश कुमार सिंह ने बताया कि इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जनजाति एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTGs) समुदाय के लोगों तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुँचाना तथा उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाना है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं पिछड़े जनजातीय क्षेत्रों में शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।उन्होंने जानकारी दी कि जिले के अनुसूचित जनजाति एवं PVTGs बहुल 6 प्रखंड—चाँद, भगवानपुर, चैनपुर, रामगढ़, रामपुर एवं अधौरा के कुल 62 गाँवों में यह अभियान चलाया जाएगा।
इन क्षेत्रों में स्थापित 31 आदि सेवा केन्द्रों पर 19 मई से 24 मई 2026 तक मेडिकल कैम्प एवं विशेष शिविरों का आयोजन होगा।शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहेंगे, जो लोगों से आवेदन प्राप्त कर उनका त्वरित निष्पादन करेंगे। स्वास्थ्य जांच, सरकारी योजनाओं का पंजीकरण, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी, शिक्षा, पोषण तथा कृषि संबंधी सुविधाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा।इसके अलावा 20 मई 2026 को जिले के पदाधिकारी जनजातीय टोलों में “ट्रांसेक्ट वॉक” करेंगे। इस दौरान अधिकारी सीधे ग्रामीणों के बीच पहुँचकर उनकी समस्याओं को समझेंगे तथा मौके पर समाधान की दिशा में पहल करेंगे। प्रशासन का मानना है कि इस पहल से दूर-दराज के जनजातीय समुदायों तक सरकारी योजनाओं की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित होगी तथा उनकी सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
। ( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
