
विकास कार्यों में बाधा और बैठकों से अनुपस्थिति का आरोप, मुख्य पार्षद ने की बड़ी कार्रवाई
कुदरा (कैमूर)। नगर पंचायत कुदरा की प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियों में सोमवार को उस समय बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब मुख्य पार्षद ने सशक्त स्थायी समिति को भंग करते हुए मुख्य पार्षद द्वारा जारी आदेश में समिति के सदस्यों पर विकास कार्यों में सहयोग नहीं करने, महत्वपूर्ण बैठकों में लगातार अनुपस्थित रहने तथा प्रशासनिक निर्णयों में बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगाया गया है।जानकारी के अनुसार, बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 21(3) के तहत नगर पंचायत कुदरा में सशक्त स्थायी समिति का गठन किया गया था।
इस समिति में वार्ड संख्या-05 के पार्षद सुनील कुमार सिंह, वार्ड संख्या-06 की पार्षद दीपा देवी तथा वार्ड संख्या-15 के पार्षद अशोक कुमार शर्मा को नामित किया गया था। समिति को नगर पंचायत के विकासात्मक और प्रशासनिक कार्यों के संचालन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी।मुख्य पार्षद द्वारा 18 मई 2026 को जारी आदेश में कहा गया है कि पिछले कई महीनों से समिति के सदस्यों का रवैया नगर हित के अनुरूप नहीं था। आरोप है कि कई आवश्यक बैठकों में बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहना, विकास योजनाओं से जुड़े प्रस्तावों पर लगातार असहमति जताना तथा प्रशासनिक निर्णयों में अड़चन पैदा करना आम बात हो गई थी। इससे नगर पंचायत के कई विकास कार्य प्रभावित हुए और योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी होने लगी।आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि समिति के कुछ सदस्यों द्वारा राजस्व संबंधी और लोकहित से जुड़े मामलों में भी आवश्यक सहयोग नहीं दिया जा रहा था।
इसके कारण प्रशासनिक कार्यों की गति धीमी पड़ गई थी। मुख्य पार्षद के अनुसार, ऐसी परिस्थिति में समिति का प्रभावी संचालन संभव नहीं रह गया था और इसके औचित्य पर भी सवाल खड़े होने लगे थे।इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए बिहार नगरपालिका अधिनियम की धारा 27(1)(ग) के तहत कार्रवाई करते हुए मुख्य पार्षद ने समिति को भंग करने के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह कदम नगर पंचायत के विकास कार्यों को गति देने और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।मुख्य पार्षद द्वारा जारी पत्र की प्रतिलिपि जिला पदाधिकारी-सह-निर्वाचन पदाधिकारी कैमूर (भभुआ), प्रधान सचिव नगर विकास एवं आवास विभाग बिहार सरकार पटना तथा सचिव राज्य निर्वाचन आयोग बिहार को भी भेजी गई है, ताकि आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जा सके।समिति भंग होने के बाद नगर पंचायत कुदरा में नई सशक्त स्थायी समिति के गठन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर इस फैसले को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि नई समिति का गठन कब तक होता है और आगे नगर पंचायत के विकास कार्य किस दिशा में बढ़ते हैं।मुख्य पार्षद की इस कार्रवाई के बाद नगर पंचायत की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है।
