
बिना वारंट घर में घुसने और गर्भवती महिला से मारपीट का आरोप, महिला दारोगा पर कार्रवाई की मांग
भभुआ (कैमूर)। कैमूर जिले के भभुआ नगर थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या 14 में पुलिस कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। महिला थाना की एक दारोगा पर दलित परिवार के घर में बिना वारंट घुसकर गर्भवती महिला के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। पीड़िता ने भभुआ थाने में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। वहीं मामले को लेकर स्थानीय लोगों और बसपा नेताओं में भी आक्रोश देखा जा रहा है।
दूसरी ओर महिला दारोगा ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए उल्टा महिलाओं पर मारपीट और मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है।जानकारी के अनुसार महिला थाना पुलिस सूरज कुमार नामक युवक की गिरफ्तारी के लिए वार्ड संख्या 14 स्थित तूफानी राम के घर पहुंची थी। सूरज कुमार पर उसकी पत्नी द्वारा महिला थाने में आवेदन दिए जाने के बाद पुलिस छापेमारी करने गई थी। आरोप है कि जब सूरज घर पर नहीं मिला तो महिला पुलिस आसपास के कई घरों में तलाशी लेने लगी। इसी दौरान भोला राम के घर में प्रवेश करने पर उनकी पत्नी गुड़िया देवी ने आपत्ति जताई और पूछा कि दूसरे के घर में जांच क्यों की जा रही है।पीड़िता पक्ष का आरोप है कि इसी बात पर महिला दारोगा चन्द्र प्रभा नाराज हो गईं और गर्भवती महिला गुड़िया देवी के साथ मारपीट शुरू कर दी।
आरोप है कि पुलिसकर्मी जबरन घर में घुस गए और सामान भी बिखेर दिया। मारपीट के दौरान आठ माह की गर्भवती गुड़िया देवी गिर पड़ी, जिससे उसे चोटें आईं। घटना के बाद पीड़िता ने भभुआ थाने में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।दलित बस्ती की महिलाओं ने लगाया गंभीर आरोपघटना के बाद दलित बस्ती की महिलाओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। गुड़िया देवी और फूलवती देवी ने बताया कि महिला थाना पुलिस सूरज राम को पकड़ने आई थी, लेकिन उसके नहीं मिलने पर आसपास के घरों में जबरन घुसकर तलाशी ली गई।
महिलाओं का आरोप है कि विरोध करने पर गर्भवती महिला की पिटाई की गई। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।बसपा नेता संतोष राम ने कहा- दलित विरोधी मानसिकतामामले की सूचना मिलने पर पहुंचे बसपा नेता एवं सासाराम लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी संतोष राम ने महिला दारोगा चन्द्र प्रभा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आरोपी महिला दारोगा दलित विरोधी मानसिकता से काम कर रही हैं। संतोष राम ने कहा कि जिस व्यक्ति की तलाश में पुलिस गई थी, उसके नहीं मिलने पर दूसरे घरों में तलाशी लेना गलत है। उन्होंने कैमूर एसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की।
संतोष राम ने यह भी दावा किया कि यह महिला दारोगा से जुड़ा पहला विवाद नहीं है। उन्होंने बताया कि कुछ माह पहले भी एक इलेक्ट्रिक मिस्त्री के साथ मारपीट और चोरी का आरोप लगाने का मामला सामने आया था, जिसको लेकर सफाईकर्मियों ने भभुआ थाने का घेराव किया था।पहले भी विवादों में रह चुकी हैं महिला दारोगास्थानीय लोगों के अनुसार 24 फरवरी 2026 को महिला दारोगा ने एक इलेक्ट्रिक मिस्त्री को इन्वर्टर ठीक कराने के लिए बुलाया था। आरोप है कि काम पूरा होने के बाद भुगतान मांगने पर मिस्त्री के साथ मारपीट की गई और उस पर चोरी का आरोप लगाया गया था। उस घटना को लेकर भी शहर में काफी विरोध प्रदर्शन हुआ था।महिला दारोगा ने आरोपों को बताया बेबुनियादइधर महिला थाना की दारोगा चन्द्र प्रभा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि सूरज राम की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गई थी और कानूनी प्रक्रिया के तहत कई घरों की तलाशी ली जा रही थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दौरान कुछ महिलाओं ने उन्हें घेर लिया, मारपीट की और मोबाइल छीन लिया।फिलहाल मामला जांच के दायरे में है। पुलिस और पीड़ित पक्ष दोनों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि घटना की वास्तविकता क्या है और किस पक्ष के आरोपों में कितनी सच्चाई है।
