
कुदरा नगर पंचायत की अनदेखी से बढ़ी लोगों की परेशानी, व्यवस्था पर उठे सवाल
पीपल के पेड़ के पास जलाया गया कचरा, आस्था और पर्यावरण दोनों पर संकटबस स्टैंड पर पेयजल सुविधा बंद, गर्मी में यात्री और राहगीर बेहाल
कुदरा (कैमूर), महेंद्र प्रसाद गुप्ता।कैमूर जिले के कुदरा नगर पंचायत क्षेत्र में नगर प्रशासन की लापरवाही को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। नगर पंचायत पर साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए लोगों ने जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग की है।जानकारी के अनुसार कुदरा में स्थित पीपल के पेड़ के पास लंबे समय से कचरा फेंका जा रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल ही में उस कचरे में आग लगा दी गई, जिससे उठने वाले धुएं और गर्मी के कारण वर्षों पुराना पीपल का पेड़ सूखने की कगार पर पहुंच गया है।
यह पेड़ इलाके के लोगों की आस्था का केंद्र माना जाता है, जहां नियमित रूप से पूजा-पाठ भी होता है।ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने बताया कि कचरा जलाने से आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत की लापरवाही के कारण धार्मिक महत्व रखने वाले पेड़ को गंभीर क्षति पहुंची है, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।वहीं दूसरी ओर कुदरा बस स्टैंड पर पेयजल व्यवस्था ठप रहने से यात्रियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।राहगीरों का कहना है कि बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थल पर पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होना नगर पंचायत की उदासीनता को दर्शाता है। दूर-दराज से आने वाले यात्री गर्मी में काफी परेशान हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से अविलंब कचरा प्रबंधन की व्यवस्था सुधारने, पीपल के पेड़ को सुरक्षित करने तथा बस स्टैंड पर पेयजल सुविधा बहाल करने की मांग की है।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
