
जर्जर भवन में बाल विकास कार्यालय, छत का प्लास्टर गिरने से मंडरा रहा खतरामोहनिया में बदहाल सरकारी कार्यालय, बारिश में टपकती है छत
मोहनिया। कैमूर जिले के मोहनिया में समेकित बाल विकास परियोजना कार्यालय की जर्जर हालत कर्मचारियों के लिए परेशानी के साथ-साथ सुरक्षा का गंभीर सवाल बन गई है। भवन की छत का प्लास्टर कई जगह से उखड़ चुका है और आए दिन उसके टुकड़े टूटकर नीचे गिर रहे हैं। ऐसे में कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों के बीच हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है।मोहनिया स्थित समेकित बाल विकास परियोजना कार्यालय की बदहाल स्थिति साफ तौर पर नजर आती है। जर्जर छत और दीवारों के बीच महिला कर्मी रोजाना अपने काम को अंजाम देने को मजबूर हैं।
कर्मचारियों के मुताबिक छत से प्लास्टर के बड़े-बड़े टुकड़े कई बार गिर चुके हैं, जिससे किसी भी समय गंभीर हादसा होने की आशंका बनी हुई है।बारिश के मौसम में कार्यालय की समस्या और बढ़ जाती है। बारिश के दौरान छत से पानी टपकने लगता है और कमरों में पानी जमा होने की स्थिति बन जाती है। इससे कर्मचारियों को काम करने में परेशानी होती है। साथ ही महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों और कार्यालय में रखे सामान की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है।महिला कर्मियों का कहना है कि भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है।
बीडीओ की ओर से कार्यालय का निरीक्षण भी किया गया, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।वहीं, विभाग ने भी भवन की जर्जर स्थिति को स्वीकार किया है। प्रभारी सीडीपीओ प्रिया कुमारी के मुताबिक कार्यालय भवन की समस्या को लेकर विभागीय स्तर पर कई बार पत्राचार किया गया है। जिला पदाधिकारी को भी इसकी जानकारी दी गई है।विभाग का कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध होते ही समेकित बाल विकास परियोजना कार्यालय को दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाएगा। हालांकि, सवाल यह है कि जर्जर भवन में काम कर रहे कर्मचारियों को सुरक्षित कार्यस्थल कब तक मिलेगा और भवन की समस्या का स्थायी समाधान कब होगा।
