राष्ट्रीय लोक अदालत में होगा मामलों का त्वरित निपटारा, पुलिस-डीएलएसए के बीच बेहतर समन्वय पर जोर

राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय बैठकनोटिस की शत-प्रतिशत तमिला और प्रतिवेदन शीघ्र जमा कराने का निर्देश

भभुआ (कैमूर)। आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता तथा अधिक से अधिक मामलों के त्वरित एवं सुलह-समझौते के आधार पर निष्पादन को लेकर बुधवार, 19 अगस्त को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, भभुआ के प्रकोष्ठ में कैमूर जिले के सभी थानों के पुलिस पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकार, भभुआ की सचिव डॉ. शैल ने की।बैठक का आयोजन माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अनुराग जी के निर्देशानुसार किया गया।

इसमें आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को प्रभावी एवं सफल बनाने के लिए पुलिस विभाग और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।बैठक में विशेष रूप से राष्ट्रीय लोक अदालत से संबंधित नोटिसों की तमिला को लेकर पुलिस पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया। सभी थाना प्रभारियों एवं संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को कहा गया कि लोक अदालत में सुनवाई एवं सुलह-समझौते के लिए चिह्नित मामलों से जुड़े पक्षकारों तक नोटिस की शत-प्रतिशत तमिला सुनिश्चित की जाए।

नोटिस की तमिला के बाद इसकी रिपोर्ट भी बिना विलंब जिला विधिक सेवा प्राधिकार कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।अधिकारियों को बताया गया कि नोटिस की समय पर तमिला होने से संबंधित पक्षकारों को राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने मामलों का आपसी सहमति और सुलह-समझौते के माध्यम से त्वरित निष्पादन कराने का अवसर मिलेगा। इससे न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम करने के साथ-साथ आम लोगों के समय और धन की भी बचत होगी।

इन मामलों का होगा त्वरित निष्पादन12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित निष्पादन किया जाएगा। इनमें शमनीय एवं आपराधिक सुलहनीय वाद, बैंक ऋण वसूली से संबंधित मामले, एनआई एक्ट के तहत चेक बाउंस के मामले, मोटर दुर्घटना बीमा दावा (MACC) वाद, ट्रैफिक चालान, वन विभाग से संबंधित मामले, नीलाम पत्र (सर्टिफिकेट) वाद तथा अन्य दीवानी मामलों को शामिल किया गया है।इसके अलावा प्री-लिटिगेशन स्तर के मामलों को भी आपसी समझौते के माध्यम से समाप्त कराने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि विवादों का समाधान न्यायालय में लंबी प्रक्रिया से गुजरने के बजाय आपसी सहमति से शीघ्र कराया जा सके।समय और धन की होगी बचतजिला विधिक सेवा प्राधिकार, कैमूर की ओर से जिले के सभी वादकारियों एवं आम लोगों से अपील की गई है कि वे अपने लंबित अथवा प्री-लिटिगेशन मामलों का निष्पादन राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से कराने का प्रयास करें। लोक अदालत में आपसी सुलह-समझौते के आधार पर मामलों का त्वरित समाधान कराया जाता है, जिससे पक्षकारों को लंबे समय तक न्यायालय की प्रक्रिया में रहने से राहत मिल सकती है।

राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों के निष्पादन के लिए किसी प्रकार का न्यायालय शुल्क नहीं लगता है। इच्छुक पक्षकार अपने मामले के सुलह-समझौते के आधार पर निष्पादन के लिए संबंधित न्यायालय, विभाग अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकार, भभुआ में लिखित आवेदन दे सकते हैं।बैठक के माध्यम से पुलिस पदाधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए पक्षकारों तक नोटिस पहुंचाना और उन्हें निर्धारित तिथि की जानकारी देना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इस दिशा में सभी संबंधित पदाधिकारियों से गंभीरता और तत्परता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से उम्मीद जताई गई कि पुलिस विभाग एवं संबंधित विभागों के समन्वित प्रयास से आगामी 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में मामलों का त्वरित निष्पादन संभव होगा और इसका लाभ जिले के अधिक से अधिक वादकारियों को मिल सकेगा।

( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)

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