
इंडस्ट्रियल पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध, गेहुआ में किसानों ने बैठक कर जमीन नहीं देने का लिया संकल्प
चांद (कैमूर)। कैमूर जिले के चांद प्रखंड अंतर्गत चौरी पंचायत के ग्राम गेहुआ में शनिवार, 22 अगस्त 2026 को इंडस्ट्रियल पार्क के निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक दोपहर करीब 3 बजे महावीर जी के मंदिर परिसर में हुई, जिसमें पंचायत के जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।
बैठक की अध्यक्षता चौरी पंचायत की मुखिया संगीता देवी की उपस्थिति में हुई, जबकि मुखिया प्रतिनिधि जयप्रकाश राम सहित स्थानीय किसान मौजूद रहे। बैठक में इंडस्ट्रियल पार्क के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित किए जाने की चर्चा की गई। किसानों ने कहा कि उनकी जमीन ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य आधार है और इसी कृषि भूमि से वे अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, परिवार का भरण-पोषण तथा बेटियों की शादी-विवाह जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक दायित्वों को पूरा करते हैं।
बैठक के दौरान किसानों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि वे किसी भी परिस्थिति में अपनी जमीन सरकार को देने के लिए तैयार नहीं हैं। किसानों का कहना था कि कृषि भूमि उनके लिए केवल जमीन का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि उनकी रोजी-रोटी और परिवार के भविष्य का आधार है। यदि जमीन चली गई तो उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा।किसानों ने कहा कि पीढ़ियों से वे इसी भूमि पर खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते आ रहे हैं। ऐसे में भूमि अधिग्रहण होने से उनके आर्थिक और सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। बैठक में किसानों ने एकजुट होकर अपनी जमीन बचाने के लिए आगे भी आवाज उठाने का संकल्प लिया।इस दौरान किसानों ने “जमीन नहीं तो किसान नहीं” का नारा लगाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
बैठक के अंत में सभी उपस्थित किसानों ने भूमि अधिग्रहण के विरोध में एकजुट रहने और अपनी मांग को संबंधित अधिकारियों एवं सरकार तक पहुंचाने का निर्णय लिया।बैठक में उमाशंकर राम, जगदीश, संजय कुमार सिंह, नथुनी सिंह, जयप्रकाश राम, रविशंकर सिंह, अभिमन्यु सिंह, राजेश्वर पांडेय, कमलेश चंद, मनोज कुमार चौबे, अविनाश सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।किसानों का कहना है कि इंडस्ट्रियल पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण से पहले प्रभावित किसानों की समस्याओं और उनकी आजीविका को गंभीरता से समझना आवश्यक है। फिलहाल गेहुआ गांव में किसानों के बीच भूमि अधिग्रहण को लेकर विरोध और असंतोष देखने को मिल रहा है।
( कैमुर से अफसार आलम की रिपोर्ट)
